🌍 उल्टी-फुल्टी दुनिया
एक दिन आरव को अपने दादाजी के पुराने कमरे में एक अजीब-सा दरवाज़ा मिला। दरवाज़े पर लिखा था—“इसे खोलोगे तो दुनिया बदल जाएगी!”
आरव ने जैसे ही दरवाज़ा खोला, वह एक ऐसी दुनिया में पहुँच गया जहाँ सब कुछ उल्टा-पुल्टा था।
यहाँ मछलियाँ आसमान में उड़ती थीं, पक्षी पानी में तैरते थे और पेड़ जमीन के अंदर से ऊपर की जगह नीचे की ओर बढ़ते थे!
आरव ने एक आदमी से पूछा, “यह कैसी दुनिया है?”
आदमी हँसकर बोला, “यह उल्टी-फुल्टी दुनिया है। यहाँ जो सही लगता है, वही गलत होता है!”
तभी आसमान से एक बोलने वाली बिल्ली नीचे आई और बोली, “जल्दी चलो! हमारी दुनिया की जादुई घड़ी गायब हो गई है। अगर वह वापस नहीं मिली, तो पूरी दुनिया हमेशा के लिए उल्टी हो जाएगी!”
आरव बिल्ली के साथ रहस्यमयी जंगल में पहुँचा। वहाँ उसे एक छोटा-सा रोबोट मिला, जिसके पास घड़ी थी।
रोबोट बोला, “मैंने घड़ी चुराई नहीं है। मैं इसे बचा रहा हूँ!”
तभी जमीन हिलने लगी और एक विशाल पत्थर का दरवाज़ा खुल गया।
दरवाज़े के पीछे लिखा था—
“जो दुनिया को ठीक करना चाहता है, उसे पहले अपनी सोच बदलनी होगी।”
आरव ने समझ लिया कि इस दुनिया को ताकत से नहीं, अच्छी सोच और सही फैसले से बचाया जा सकता है।
उसने रोबोट और बिल्ली के साथ मिलकर घड़ी को सही जगह रख दिया।
अचानक सब कुछ सामान्य होने लगा।
मछलियाँ पानी में लौट गईं, पक्षी आसमान में उड़ने लगे और पेड़ सीधा बढ़ने लगे।
आरव ने पीछे मुड़कर देखा तो जादुई दरवाज़ा गायब हो चुका था।
लेकिन उसके हाथ में एक छोटी-सी घड़ी थी।
उस पर लिखा था—
“यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई…”
🌟 क्या आरव दोबारा उल्टी-फुल्टी दुनिया में जाएगा?
जानने के लिए अगला भाग ज़रूर देखना!